5 टिप्स — ताकि सोते समय गर्दन और कंधे में दर्द न हो
गर्दन या कंधे के दर्द के साथ दिन की शुरुआत करना वाकई असहज हो सकता है। ताज़गी महसूस करने के बजाय, आप अपने दिन की शुरुआत अकड़न, बेचैनी या सिरदर्द के साथ कर सकते हैं। सोते समय गर्दन और कंधे का दर्द जितना आप सोचते हैं, उससे कहीं ज़्यादा आम है, और कई मामलों में, यह आपकी सोने की स्थिति, तकिये और जीवनशैली की आदतों से जुड़ा होता है। सोने के तरीके में छोटे-छोटे बदलाव आपको इस समस्या से छुटकारा पाने और दर्द-मुक्त नींद लेने में मदद कर सकते हैं। सोते समय गर्दन और कंधे के दर्द से बचने और दर्द-मुक्त जागने के लिए यहाँ 5 व्यावहारिक सुझाव दिए गए हैं।
1. सही तकिया चुनें
सोते समय आपकी गर्दन और कंधों को सहारा देने में आपका तकिया बहुत अहम भूमिका निभाता है। अगर यह बहुत ऊँचा, बहुत सपाट या बहुत सख्त हो, तो यह गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
सपोर्टिव तकिया इस्तेमाल करें: एक मध्यम-सख्त तकिया जो आपकी गर्दन को आपकी रीढ़ की हड्डी के साथ सीधा रखता है, सबसे अच्छा विकल्प है।
पतले तकिए: ये तकिए आपकी गर्दन और कंधों के आकार के अनुसार ढल जाते हैं, जिससे आपको उचित सहारा मिलता है।
तकियों को एक के ऊपर एक रखने से बचें: दो या उससे ज़्यादा तकियों का इस्तेमाल करने से आपका सिर आगे की ओर झुक सकता है, जिससे दर्द हो सकता है।
आरुणी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल झुंझुनू के सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनील पूनिया के अनुसार, “सही तकिया आपकी गर्दन को तटस्थ स्थिति में रखना चाहिए; आगे, पीछे या बगल की ओर मुड़ा हुआ नहीं होना चाहिए। सपोर्टिव तकिया रीढ़ की हड्डी के संरेखण को बनाए रखने में मदद करता है और अकड़न या सिरदर्द के साथ जागने के जोखिम को कम करता है।”
सुझाव: यदि आप अक्सर दर्द के साथ उठते हैं, तो गर्दन को सहारा देने के लिए डिज़ाइन किया गया ऑर्थोपेडिक तकिया इस्तेमाल करें।
2. सही स्थिति में सोएं
आपकी सोने की मुद्रा का आपकी गर्दन और कंधों के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। कुछ मुद्राएँ मांसपेशियों और जोड़ों पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
- सबसे अच्छी मुद्रा: पीठ के बल सोना आमतौर पर सबसे स्वास्थ्यवर्धक होता है, क्योंकि यह आपकी रीढ़ को सीधा रखता है और तनाव को कम करता है।
- करवट लेकर सोना: यह भी अच्छा है अगर आपका तकिया आपके सिर को ठीक से सहारा दे और उसे आपकी रीढ़ की सीध में रखे।
- पेट के बल सोने से बचें: पेट के बल सोने से आपकी गर्दन घंटों मुड़ी रहती है, जिससे अक्सर अकड़न और दर्द होता है।
सुझाव: अगर आप करवट लेकर सोते हैं, तो रीढ़ की हड्डी का संरेखण बनाए रखने के लिए अपने घुटनों के बीच एक छोटा तकिया रखें।
3. आरामदायक गद्दा बनाए रखें
बहुत नरम या बहुत सख्त गद्दा आपके शरीर को अप्राकृतिक रूप से नीचे या मोड़ सकता है, जिससे आपकी गर्दन और कंधों पर दबाव पड़ सकता है।
- मध्यम-कठोर गद्दे: ये आरामदायक नींद के लिए सहारे और आराम का एक आदर्श मिश्रण प्रदान करते हैं।
- ढीलेपन की जाँच करें: अगर आपका गद्दा पुराना और ढीला है, तो उसे बदलने का समय आ गया है।
- मेमोरी फ़ोम या लेटेक्स गद्दे: ये दबाव बिंदुओं को कम करने और नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।
सुझाव: अपने गद्दे का आकार और आराम बनाए रखने के लिए उसे हर कुछ महीनों में पलटें या घुमाएँ।
4. सोने से पहले विश्राम का अभ्यास करें
तनाव और मांसपेशियों में खिंचाव से भी गर्दन और कंधों में दर्द हो सकता है। अगर आप मांसपेशियों में जकड़न के साथ सोते हैं, तो बेचैनी के साथ जागने की संभावना ज़्यादा होती है।
- हल्की स्ट्रेचिंग करें: सोने से पहले गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग मांसपेशियों को आराम दे सकती है।
- हीट थेरेपी आज़माएँ: गर्म पानी से नहाने या हीटिंग पैड से मांसपेशियों का तनाव कम हो सकता है।
- गहरी साँस लेने का अभ्यास करें: ध्यान या गहरी साँस लेने जैसे तनाव-मुक्ति व्यायाम सोने से पहले शरीर को आराम देने में मदद करते हैं।
सुझाव: बिस्तर पर मोबाइल फ़ोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि ये आपकी गर्दन पर दबाव डालते हैं और आराम करने में देरी करते हैं।
5. अच्छी नींद की स्वच्छता बनाए रखें
स्वस्थ नींद की आदतें न केवल आराम में सुधार करती हैं, बल्कि सुबह उठने पर दर्द की संभावना को भी कम करती हैं।
- नींद के समय का पालन करें: हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने से आपके शरीर को समायोजित होने में मदद मिलती है।
- अपने शयनकक्ष को नींद के अनुकूल बनाएँ: सुनिश्चित करें कि कमरा अंधेरा, शांत और आरामदायक तापमान पर हो।
- रात में कैफीन और भारी भोजन से बचें: ये दोनों आपकी प्राकृतिक नींद की लय में बाधा डाल सकते हैं।
सुझाव: अगर आप बार-बार दर्द के साथ उठते हैं, तो दर्द-मुक्त जीवन की ओर पहला कदम उठाएँ – अंतर्निहित समस्याओं को दूर करने के लिए अपने आस-पास के सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से संपर्क करें।
डॉक्टर से कब मिलें?
कभी-कभार अकड़न होना सामान्य है, लेकिन अगर आपकी गर्दन और कंधे का दर्द बार-बार, गंभीर हो, या सुन्नता और झुनझुनी के साथ हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है। कभी-कभी, यह दर्द सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस, डिस्क की समस्या या फ्रोजन शोल्डर जैसी स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। जल्दी परामर्श लेने से जटिलताओं से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष:
सोते समय गर्दन और कंधे का दर्द आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा नहीं होना चाहिए। सही तकिया चुनकर, अच्छी नींद की मुद्रा बनाए रखकर, सपोर्टिव गद्दे पर निवेश करके, अपनी मांसपेशियों को आराम देकर और स्वस्थ नींद की आदतों का पालन करके, आप आरामदायक रातों और दर्द-मुक्त सुबह का आनंद ले सकते हैं। याद रखें, छोटे-छोटे बदलाव भी बड़ी राहत ला सकते हैं। अगर दर्द बना रहता है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें; उचित मार्गदर्शन के लिए झुंझुनू के आरुणि हॉस्पिटल में प्रमुख ऑर्थोपेडिक डॉ . सुनील पूनिया से अपॉइंटमेंट बुक करें।